पाइल्स (बवासीर) एक भयंकर और कष्टदायक बीमारी है, जिससे आजकल लोग बहुत अधिक ग्रसित हैं। क्लिनिक में कई मरीजों का सबसे आम और चिंताजनक सवाल होता है – “डॉक्टर साहब, पाइल्स ठीक होने के बाद फिर से क्यों हो जाती है?”
सच यह है कि सही इलाज के बाद पाइल्स के दोबारा होने की संभावना काफी कम होती है। लेकिन अगर मरीज अपने खान-पान और दिनचर्या का सही से ध्यान न रखे, तो पाइल्स का दोबारा होना काफी सामान्य हो जाता है।
पाइल्स बार-बार क्यों होती है?
पाइल्स तब होती है जब गुदा (Anus) और मलाशय (Rectum) के आसपास की नसों पर बार-बार दबाव पड़ता है। यह दबाव बढ़ने पर नसें सूज जाती हैं, फैल जाती हैं और पाइल्स (बवासीर) की समस्या का रूप ले लेती हैं।
इसके मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
- पुरानी कब्ज (Chronic Constipation):पुरानी कब्ज की वजह से मल सख्त हो जाता है। सख्त मल के कारण शौच के दौरान ज्यादा जोर लगाना पड़ता है, जिससे नीचे की नसों पर अत्यधिक दबाव पड़ता है और पाइल्स दोबारा होने का खतरा बढ़ जाता है।
- टॉयलेट में लंबे समय तक बैठना:बहुत से लोग टॉयलेट में मोबाइल चलाना या अखबार पढ़ना पसंद करते हैं। इस दौरान नीचे के हिस्से (पेल्विक एरिया) पर लगातार दबाव बना रहता है, जिससे पाइल्स की समस्या बढ़ सकती है।
- कम पानी पीना:पर्याप्त पानी न पीने से शरीर में डिहाइड्रेशन होता है, जिससे मल सख्त हो जाता है और कब्ज की समस्या विकराल रूप ले लेती है।
- आहार में फाइबर की कमी:यदि आपके भोजन में फल, सलाद, हरी सब्जियां, दालें और साबुत अनाज कम हैं, तो मल सही तरीके से नहीं बनता और शौच के समय परेशानी होती है।
- लंबे समय तक बैठकर काम करना:ऑफिस जॉब, ड्राइविंग या घंटों एक ही जगह कुर्सी पर बैठकर काम करने वाले लोगों में पाइल्स बार-बार होने का खतरा अधिक होता है।
- गर्भावस्था (Pregnancy):गर्भावस्था में पेट के नीचे के श्रोणि (Pelvic Area) पर दबाव पड़ता है, जिसके कारण पहले से मौजूद या सुप्त पाइल्स की समस्या दोबारा उभर सकती है।
- भारी वजन उठाना:अत्यधिक भारी सामान उठाने या गलत तरीके से वजन उठाने पर गुदा मार्ग की नसों पर अचानक दबाव पड़ता है।
- मोटापा (Obesity):वजन ज्यादा होने से निचले हिस्से की नसों पर लगातार अतिरिक्त दबाव पड़ता रहता है, जिससे पाइल्स दोबारा हो सकती है।
- इलाज अधूरा छोड़ देना:कई लोग दर्द या खून बंद होते ही दवा लेना बंद कर देते हैं। लेकिन यदि अंदर की सूजन पूरी तरह ठीक नहीं हुई है, तो कुछ समय बाद समस्या फिर से शुरू हो सकती है.

पाइल्स के सामान्य लक्षण
पाइल्स के लक्षण हर व्यक्ति में अलग हो सकते हैं, लेकिन आमतौर पर इनमें निम्नलिखित शामिल हैं:
- रक्तस्राव: शौच करते समय ताजा लाल खून का दिखना।
- सूजन: गुदा द्वार के पास सूजन या भारीपन महसूस होना।
- असंतोषजनक मलत्याग: पेट सही तरीके से साफ न होना।
- जलन और खुजली: गुदा क्षेत्र में जलन, खुजली या चिपचिपा पदार्थ (Mucus) निकलना।
- दर्द: उठने-बैठने या शौच के दौरान दर्द होना।
- गांठ बनना: गुदा के पास गांठ (Massa) का बाहर आना, जो बाद में खुद अंदर चली जाए या हाथ से अंदर करनी पड़े।
बार-बार होने वाली पाइल्स को नजरअंदाज क्यों नहीं करना चाहिए?
यदि पाइल्स बार-बार हो रही है, बार-बार खून आता है, दर्द बढ़ रहा है या गांठ बड़ी होती जा रही है, तो विशेषज्ञ डॉक्टर से तुरंत जांच कराना जरूरी है।
कई बार फिशर (Anal Fissure), फिस्टुला (Anal Fistula), पॉलीप (Polyp) या अन्य गुदा संबंधी रोग भी पाइल्स जैसे लक्षण दे सकते हैं। इसलिए सही समय पर सही डायग्नोसिस होना आवश्यक है।
पाइल्स को दोबारा होने से कैसे बचाएं?
कुछ आसान आदतें अपनाकर पाइल्स के दोबारा होने के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है:
- भरपूर पानी पिएं: रोजाना कम से कम 2–3 लीटर पानी पिएं।
- फाइबरयुक्त आहार लें: भोजन में सलाद, ताजे फल, हरी सब्जियां, दालें और साबुत अनाज शामिल करें।
- कब्ज न होने दें: कब्ज से बचने के लिए सुपाच्य भोजन लें।
- जोर न लगाएं: शौच करते समय अत्यधिक बल या जोर न लगाएं।
- टॉयलेट टाइम कम करें: टॉयलेट में 5 मिनट से ज्यादा न बैठें और फोन/अखबार न ले जाएं।
- नियमित वॉक: रोज 20–30 मिनट पैदल चलें या हल्का व्यायाम करें।
- सक्रिय रहें: लंबे समय तक लगातार एक ही जगह बैठने से बचें।
- वजन नियंत्रित रखें: अपने वजन को संतुलित रखें।
आयुर्वेद में पाइल्स का स्थायी उपचार
आयुर्वेद में पाइल्स का उपचार केवल दर्द या खून रोकने तक सीमित नहीं होता, बल्कि कब्ज, पाचन शक्ति और बीमारी के मूल कारणों (Root Cause) को सुधारने पर ध्यान दिया जाता है।
विशेषकर क्षारसूत्र (Kshar Sutra) चिकित्सा कुछ प्रकार की पाइल्स और जटिल एनो-रेक्टल (Ano-Rectal) रोगों में अत्यंत प्रभावी और स्थायी उपचार मानी जाती है।
निष्कर्ष
पाइल्स का बार-बार होना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि आपके शरीर में कब्ज, गलत खान-पान या जीवनशैली से जुड़ी कोई समस्या लगातार बनी हुई है। समय पर सही जांच और उचित उपचार लेने के साथ-साथ खान-पान और दिनचर्या में बदलाव करना सबसे जरूरी है।
विशेषज्ञ सलाह: यदि आपको बार-बार पाइल्स, खून आना, दर्द या गुदा के पास गांठ की समस्या हो रही है, तो इसे छुपाएं नहीं। आज ही
डॉ. प्रीति पालीवाल से परामर्श लें और सही उपचार कराएं।
